जेबें

आज जेबें फाड़ दी मैने सब,
इनका कोई मकसद नहीं बचा था !
मेरा जो था सब तुम ले गये,
ये जेबें भी ले जाओ !

बेमानी हैं अब मेरे लिए !!
पता मुझे पहले से था, एहसास अब हुआ है !!

पीछे

सब जी ही जाते हैं अपनी अपनी ज़िंदगियाँ !
मगर कुछ पीछे छोड़ जाते हैं इक अधूरापन,
वो जो ढूंढ नहीं पाते रोने के लिए कांधा !!

मीआद

वो उस दिन सब प्यार खो बैठी - उसके किए भी, उससे किए भी ! भीड़ में किसी के मोबाइल फ़ोन पे धुन बज रही थी - "तेरा मुझसे है पहेले का नाता कोई" | मधम होती हुई; जैसे बॅकग्राउंड म्यूज़िक हो कहानी की समापती का |
जाते जाते फिर दोनो पलटे नहीं... शायद किसी डर से !
अजीब है ना कुछ कहानियां कितनी छोटी होती हैं शब्दों में, मगर मीआद उम्र भर की !

तीखी मिर्ची

और हो जाती है देरी काफ़ी, खड़े खड़े,
तुम्हे रोकने को शब्द फिर भी नहीं मिलते !
थक जाती हैं आखें इंतज़ार में,
के कोई पलट आएगा कभी भी !

यूं तो मिलती नहीं, मगर जब भी मिलती है ज़िंदगी तो ऐसे,
जैसे तीखी मिर्ची पे चढ़ा हो सोने का वरक !!

पीठ

समंदर को ताकते रहने से मिलती हैं सिर्फ़ तन्हाई,
ज़िंदगी चाहिए तो समंदर की तरफ पीठ रखना !

समंदर की तहों में रहते हैं सीप, निशानियाँ नहीं !!

Being ready

Every clichéd story that you ever hear in your lifetime has only one summary: “To be happy find someone or something you love and be with one (do that thing) for the rest of your life”.
The only problem is being ready. Being ready for the moment when it arrives!

तैयारी

सबसे बुरा इंतज़ार होता है खुद के तैयार होने का इंतज़ार| किसी को कुछ पाने के लिए तैयार होना, किसी से कुछ सुनने के लिए तैयार होना, कुछ करने के लिए तैयार होना, कुछ पाने के लिए तैयार होना !
आज भी हम दोनो तैयारी में जुटे हैं| मैं कहने की तैयारी में, वो सुनने की तैयारी में !

सीख

किसी की तन्हाई का सबब बन जाना और महफिलें सजाना,
सिखा जाना मुझे भी !
किसी की नींदे उड़ा देना और नींद में करवटें ना लेना,
सिखा जाना मुझे भी !
किसी को इंतज़ार दे जाना और पीछे पलट के ना देखना,
सिखा जाना मुझे भी !


वो सब सिखा जाना,
जो तुमने खुद ही सीख लिया मुझसे दूर रहने के लिए !!

स्टेंप पेपर

मेरे होठों पे तेरे माथे की लकीरों की मोहर सी...
हस्ताक्षर तेरी उंगलीओं के...
ज़िंदगी गिरवी स्टेंप पेपर पे तेरे नाम !

कला

किसी की तन्हाई का सबब बन जाना,
मुझे भी सिखा जाना !
या सिखा जाना,
ज़िंदा रहने की वो कला जो तुम्हारे बिना निभेगी !!