हत्या

चुप्पी की धार से तीखा उपेक्षा का खंजर,
भोंक दिया था मासूम सी ज़िद्द के सीने में !
और निकल गयी थी सारी नफ़रत छींटों में
मोहब्बत के लाल रंगों में रंगी !
उसी नफ़रत सने खंजर से आए दिन मैं करता रहता हूं,
मोहब्बत का खून जन्म लेने से पहेले ही !!

इक कुड़ी जिसदा नाम मोहब्बत है गुम है...
शिव को तो मिली नहीं और मैं जन्म लेने नहीं देता...

"सीरियल किल्लर" होना भी शायद ज़रूरी था...

सुनहरा लिफ़ाफ़ा

कभी भी मोहब्बत में रंगे दो अल्लहड़ों को देखता है तो झल्ला जाता है !
दिल का बचपना जाता ही नहीं और,
कभी कभी तैश भी नादान हो जाता है !!

मोहब्बत को सुनहरे लिफाफे में डाल के उसने शगुन में दे दिया था !
प्रेम कम या ज़्यादा नहीं होता वक़्त के साथ,
या तो परवान चढ़ जाता है या कुर्बान हो जाता है !!

रात आज़माइश की

रात की पगडंडीओं पे इक मुसाफिर आधा अधूरा सफ़र कर थक सो गया था| उसे इक ख्वाब नींद से जगा देता है उसके कान में फूस-फूसा के कुछ| अलसाई नज़रों से वो अपने ब्लैक-ऐंड-वाइट ख्वाबों में वही रंग भरने की कोशिश करता है जो उसकी ज़िंदगी की कैनवस पे नहीं हैं| रंगों से उलझते वो कैनवस के धागों से भी उलझ लेता है ये सोच के कुछ उलझेगा तभी कुछ सुलझेगा| कई रंगों से तो उसने खुद को भी बुना था एक बार, पर जाने क्यों कुछ अधूरा सा रह गया था उन बुनतरों में, जिसकी कमी उसे पता नहीं था कहां से पूरी करे| और उसे पता भी नहीं चला कब उसके अस्तित्व से इक धागा खिंचा और पूरा आशियाना जैसे उधड़ता चला गया| उसे याद था बस यह के के इक चिंगारी जली थी और पीछे रह गई थी राख उन्हीं धागों की और उनमे से आ रही थी खुश्बू वही सब रंगों की पर जो अब आंसू बन रुखसारों पे सूख जाते हैं| उसे महसूस होता है के जैसे किस्मतों ने उसे इक बार फिर से वही इम्तिहान दे दिया जिसमे वो पिछले साल ही फेल हुआ था; और इस बार भी उसे उस इम्तिहान का सिल्लेबस पता नहीं| इतने में रोशनी के साथ उजागर हुए कुछ सच उसके ख्वाब को धुँधला के चले जाते हैं|

प्रेम कुछ नहीं होता बस छलावा है जो ठग के चला जाता है और वापिस आता है जब आप फिर से अमीर हो जाओ किसी की मोहब्बत में बाज़ी लगा के| मोहब्बत ज़ुआ है और प्रेम मुझसे बेहतर ज़ुआरी – यह समझ आने में अभी वक़्त है!

Remember

Remember remember remember

the burning petrol, the blazing Ballantine's
the unbearable sun, the gushing wind
the shivering fit, the smelly sweat
the blood, the dust
the sand, the stone
the chilli in food, the dirt in eye
the camera, the canvas
the fire, the fog
the dhaba, the palace
the lost path, the travelers
the racers, the flock
the highway, our way

just remember to make it happen one more time. One more time, for the last time.
Remember.

biodata

जीवन में professional experience बहुत हो चला था,
सो biodata बनाने की इक कोशिश भर सी करी थी !
दो शब्द लिखते ही bio कहीं स्याही में छुप गया,
और कलम जैसे किसी कहानी से दौड़ लगा गयी हो !
बदनसीब कोशिश की जद्द-ओ-जहद की भी कोई हद है,
के कहानी अब भी अधूरी है और biodata निरार्थक !

मुझे काम की नहीं शायद अपनी तलाश है !!

एक बूंद कहानी

बस एक बूंद कहानी है !
जो सांसें लेना मुश्किल कर दे, ऐसी कोई याद है,
या इक खत में लिपटी स्याहीओं में कोई निशानी है !!
बस एक बूंद कहानी है !
गयी रात के खवाबों का सबब है,
या खुली आंखों में बची हुई ज़िंदगानी है !!
बस एक बूंद कहानी है !
पता नहीं किसी रुखसार से बहका हुआ आंसू है,
या फिर सावन की पहली बारिश का पानी है !!
बस एक बूंद कहानी है !

छेद

दोनो हाथों से भर के
अंजुली में प्यार रखा था !
टपक गया है अब सारा,
मेरी लकीरों में छेद थे बहुत !!

नमी

आज खुद की आखों पे वही हाथ नम से हैं,
जो कभी तेरे रुखसार पे रख के भीग गये थे !!

ज़रूरत

चलो तोड़ देते हैं उन आईनों को
जिनमे अक्स देखते हैं हम एक दूसरे का !
के जब तन्हाई का सबब बनेगा,
तो याद आएगी उस ज़माने की,
जब आईनों की ज़रूरत नही पड़ा करती थी !!


तब जब चेहरे ही नहीं, रूहें मिल जाती थी आखों में ही !!

बेमेल रिश्ते


मसलक तो बनाए ही गये थे सियासत के लिए,
यहाँ मोहब्बत भी होती है तो मतलब के लिए !
सूखे हुए पत्तों को करार मिलता है ज़मीन ही से मिल के,
ये बेमेल दोस्तियाँ होती ही हैं किसी मक़सद के लिए !!